Miss GupShup

HAPPY WOMEN’S DAY..

0

आज पूरा देश आधी आबादी यानी नारी शक्ति को नमन कर रहा है.क्योकि नारी शक्ति ने हर मोर्चे पर सफलता के झंडे गाढ़े है..चाहे वो राष्ट्रपति का औहदा हो या फिर देश को संभालने की जिमम्दारी..नारी आज की तारिख में आगे है.आज महिलाए पुरिषों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है.नारी शकित की अगर बात की जाए तो, नारी शक्ति को बानगी भारतीय सैन्य शक्ति में भी देखने को मिली है.गणतंत्र समारोह परेड में नारी शक्ति की अदभुत झांकी दुनिया ने देखी. 1992 में पहली बार महिलाओ को सेना में शामिल किया गया. साल 2015 में फाइटर एयरक्राफ्ट पायलट के लिए भारतीय वायुसेना मे महिलाओ के दरवाजे खोले गए और 18 जून 2016 को भारत को पहली फाइटर पायलट मिली.वैसे अगर बात की जाए दुनिया भर की महिला सैन्य शक्ति की तो इस मामले में सबसे आगे अमेरिका है.तकरीबन 2 लाख अमेरिकन महिला अमेरिका सेना में शामिल है,जो कुल सेना की तकरीबन 20 फिसदी है.बिटेन की सेना में महिलाओं की गिनती 9 फिसदी से ज्यादा है.करीब 11% आफिसर रैंक और 9% दूसरे रैंक पर है.ब्रिटेन नैवी में महिलाओं की संख्या करीब 9.5% है। थल सेना में 7% और वायु सेना मे करीब 12% है.

भारतीय सेना की बात की जाए तो यहा भी नारी की शक्ति का खूब सबूत दिखाई देता है.भारतीय थल सेना में 4 % महिलाए शामिल है तो वही जल सेना में 5% और वायु सेना में करीब 1 हजार 300 महिलाएं अपना दमखम दिखा रही है…इतना ही नही भारतीय़ महिला हर स्थान में आगे खड़ी है..2001 में महिला साक्षरता का जो आंकड़ा करीब 53.67% था..वर्षो बाद भारत की युवा महिलाओं की साक्षरता का आंकड़ा 65.46 को पार कर चुका है.चिंता का विषय ये है कि भारत में सिर्फ 1.4 % महिलाए ही पोस्ट ग्रेजुएट कर पाती है
भारत में कालेज तक पहुचने की गिनती निराश करती है उसकी खास वजह ये है कि देश में ज्यादातर लड़कियां स्कूल में ही पढ़ाईम छोड देती है..पर आज की तारीख में महिलाए जागरुक हो रही है..रफ्तार थोड़ी कम है पर वो अब घर से निकल कर हर क्षेत्र में पुरुषों को टक्कर देने के लिए तैयार है…आखिर में ये कहना गलत ना होगा कि आज की तरीख में नारी अपनी हिम्मत से ज्यादा अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ रही है.

So, what do you think ?