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जाने! क्यों होता है पहला प्यार ख़ास…

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By Parag Gupta, Delhi

हर किसी को अपनी लाइफ़ में कभी न कभी प्यार ज़रूर होता है और जब प्यार पहला हो, तो वो प्यार पहला ही रहता है। फिर चाहे वो प्यार आपके साथ रहे या न रहे, पर आपका पहला प्यार आपके साथ ज़िंदगीभर रहता है। इस पहले प्यार पर तो न जाने कितनी बातें कही गई हैं, कितने जोक्स बने हैं, कितने फ़िल्मी दुनिया में गाने गाए गए हैं। पर इस पहले प्यार को वही समझता है जिसने कभी अपनी लाइफ़ में सच्चा प्यार किया हो, फिर चाहे वो प्यार बचपन का हो या जवानी का। अपने साथी के साथ बिताए हर वो लम्हे, हर वो यादें, हर वो क़समें, हर वो वादे आपको ज़िंदगीभर याद रहते हैं जो उन हसीन पलों के गवाह होते हैं। आज हम आपको बताएंगे पहला प्यार इतना ख़ास क्यों होता है और इस प्यार की कंडीशन्स क्या होती हैं-

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पहली नज़र का पहला प्यार: पहली नज़र… ये एक ऐसी नज़र होती है जिस नज़र से हम पहले कभी भी किसी को नहीं देखते हैं। ये नज़र इतनी ख़ास होती है कि इस नज़र से हम जो भी देखते हैं, जिसे भी देखते हैं वो हमारी ज़िंदगी का ख़ास लम्हा बन जाता है। हम तो अपनी ज़िंदगी में आएदिन किसी न किसी से मिलते रहते हैं, अंजाने लोगों से बातचीत करते हैं पर ये नज़रों का खेल हर किसी के समझ में आसानी से नहीं आता। क्योंकि ये उतना आसान नहीं होता, जितना हम इसे समझते हैं और इसलिए कहते हैं कि पहली नज़र में ही प्यार होता है।

दोस्ती प्यार नहीं होता: लोगों को लगता है कि प्यार दोस्ती है… पर हमारा मानना है कि जहां दोस्ती है वहां प्यार नहीं हो सकता। दोस्त दोस्त होता है और प्यार प्यार। हम जिसे दोस्त मानते हैं, दोस्त की नज़रों से देखते हैं अगर इस दोस्त से आपको प्यार हो जाए, तो उसे सच्चा प्यार नहीं अट्रैक्शन कहते हैं जो उम्र के हिसाब से होता है। भले ही हम किसी को अपना अच्छा दोस्त मानकर उसके साथ अपनी फ़ीलिंग्स शेयर क्यों न करते हों, पर कुछ फीलिंग्स में जो जगह प्यार की होती है वो जगह एक दोस्त कभी नहीं ले सकता और जब एक दोस्त प्यार बनता है तो उस रिश्ते में दोस्ती की झलक कभी खत्म नहीं होती। इसलिए कहते हैं कि दोस्त कभी प्यार नहीं बन सकता।

भूले से न भूले पहला प्यार: हम अपनी लाइफ़ में कई रिश्तों को जीते हैं। मतलब, कई बार प्यार में रहकर रिश्तों को जीते हैं। आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं और आपका ब्रेकअप हो जाता है, तो आप उस ग़म को भुलाने के लिए किसी नए साथी के साथ एक नया रिश्ता बना लेते हैं। लेकिन, क्या वो रिश्ता आपके उस पहले प्यार के मुक़ाबले होता है, नहीं..! क्योंकि पहला प्यार पहला ही होता है आप उस प्यार को कहीं और महसूस नहीं कर सकते हैं। जब रिश्ते बनते-बिगड़ते हैं तब आपको पहले प्यार का एहसास होता है और ये एहसास इतना ख़ास होता है जितना आपका पहला रिश्ता ख़ास होता है।

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तो हम तो आपसे बस यही कहेंगे कि अगर आप भी पहले प्यार में हैं तो उस प्यार की क़द्र करें, उस प्यार को ख़ुशी-ख़ुशी जिएं। क्योंकि इसे जीने के लिए वक़्त कब हाथ से निकल जाए, भरोसा नहीं। पहले प्यार में जो नशा, बेचैनी, तड़प, हिचकिचाहट, पागलपन, मदहोशी होती है, वो आपकी लाइफ में कभी नहीं आ सकती। इसलिए पहले प्यार को बख़ूबी निभाएं, अपने साथी को ठीक से समझें। क्योंकि जब पहला प्यार जुदा होता है तो बहुत ज़्यादा तक़लीफ़ होती है और तब आपको वही हसीन लम्हें याद आते हैं, जो आपने अपने पहले प्यार के साथ बिताए होते हैं।

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