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जानें अमरनाथ धाम जाने के रास्ते..

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अमरनाथ की यात्रा के लिए भक्त पूरी तरह से तैयार रहते है… भक्त कई कठिनाइयों को पार कर बाबा बर्फानी के दर्शन करने पवित्र गुफा में पहुंचते है.. महादेव प्रति वर्ष श्री अमरनाथ गुफा में अपने भक्तों को हिमशिवलिंग के रूप में दर्शन देते हैं…अमरनाथ धाम जाने के दो रास्ते है…एक रास्ता पहलगाम होते हुए जाता है तो दूसरा बालटाल होते हुए…पहलगाम के रास्ते अमरनाथ गुफा तक जाने का मार्ग..

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पहलगाम के रास्ते अमरनाथ गुफा का मार्ग

जम्मू से 315 और श्रीनगर से 96 किमी. दूर है पहलगाम

पहलगाम से पवित्र गुफा की दूरी करीब 46 किमी है

पहलगाम के रास्ते 5 दिन में दूरी होती है पूरी

पहलगाम के रास्ते से अमरनाथ जाते वक्त जितने भी स्थान पड़ते है उनसे एक अमरकथा जुड़ी हुई है…भगवान शिव माता पार्वती को एक अत्यंत शांत स्थान पर पवित्र कथा सुनाना चाहते है और इस कथा के दौरान वह किसी को अपने आस-पास नहीं रखना चाहते थे और इसलिए जब भगवान शिव माता पार्वती को अमरकथा सुनाने इस पवित्र गुफा की तरफ गए उस वक्त उन्होंने रास्ते में आने वाले हर स्थान पर खुद से जुड़ा कोई सामान छोड़ा…शिव पार्वती को लेकर सबसे पहले पहलगाम पहुंचे….

on the way to amarnath

पहलगाम में शिव ने छोड़ा वाहन नंदी

पहलगाम से आगे बढ़ते हुए शिव चंदनवाड़ी पहुंचे

चंदनवाड़ी में शिव की जटा से दूर हुए चंद्रमा 

शेषनाग नामक झील पर पहुंच कर उन्होंने अपने गले से सर्पों को भी उतार दिया।

शेषनाग में शिव ने त्यागा गले का हार 

शेषनाग के बाद पहुंचे महागुणपर्वत

महागुणपर्वत पर शिव ने गणेश को रोका

और अंत में भगवान शिव पहुंचे पंचतरनी

पंचतरनी में पंचमहाभूतों से मुक्ति 

सब कुछ छोड़-अंत में भगवान शिव ने इस गुफा में प्रवेश किया और पार्वती जी को अमरकथा सुनाई…जिसके पश्चात इसे अमरनाथ कहकर पुकारा जाने लगा…वहीं अमरनाथ गुफा तक जाने का दूसरा रास्ता बालटाल से है…बालटाल का रास्ता छोटा जरुर है लेकिन अत्यंत कठिनाइयों से भरा हुआ है…अक्सर भक्तों को पहलगाम के रास्ते से जाने की ही सलाह दी जाती है….लेकिन भक्त फिर भी शिव-शंकर के जयकारे लगाते हुए बालटाल के रास्ते अपनी यात्रा पूरी करते है…बालटाल के रास्ते भक्त 1 दिन में अमरनाथ की यात्रा पूरी कर सकते है..

amarnath

बालटाल के रास्ते अमरनाथ का मार्ग

जम्मू से श्रीनगर-सोनमर्ग होते हुए बालटाल

बालटाल बेसकैंप से पवित्र गुफा की दूरी 14 किमी

बालटाल के रास्ते यात्रा 1 दिन में होती है पूरी

भक्तों को आस्था के आगे रास्ते की सारी कठिनाइयां कम लगती है…बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए भक्त हर साल आतुर रहते है…बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए श्रद्धालु कठिन से कठिन रास्तों को पार कर अमरनाथ की गुफा तक पहुंचते है…और बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लेकर जाते है…शिव शंभू भक्तों के सभी दुखों को हर कर उनके जीवन में खुशियां भर देते हैं…

 

 

 

 

 

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